लोक वित्तीय - आर्थिक सर्वेक्षण
(a) राजस्व व्यय - सरकार के ऐसे व्यय जिससे किसी स्थाई संपत्ति का सृजन नहीं होता है जिनसे न सरकार की उत्पादन क्षमता बढ़ती है और न ही आय
उदाहरण-वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान, स्थापना, आवर्ती व्यय
(b) पूंजीगत व्यय - सरकार की परिसंपत्तियों में वृद्धि करने वाले व्ययों की पूंजीगत व्यय माना जाता है, जी विकास उन्मुखी व्यय होते हैं, जैसे- सड़क, पुल, पावर प्रोजेक्ट आदि
(c) राजस्व घाटा - वित्तीय वर्ष की समस्त प्राप्तियां ( कर राजस्व + गैर कर राजस्व+ सरकार से प्राप्त सहायक अनुदान) एवं राजस्व व्यय आकलन में अंतर
यह घाटा अधिक होने का अर्थ है कि उत्पादक व्ययों के लिए राज्य शासन को ऋण लेना पड़ रहा है
राजस्व घाटा = राजस्व व्यय - राजस्व प्राप्तियां
(d) राजकोषीय घाटा - सरकार की कुल प्राप्तियां ( रेंज प्राप्तिओं को छोड़कर ) एवं कुल व्यय के अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है और कुल कमाई से अधिक खर्च होने पर इसकी पूर्ति वह बाजार से कर्ज लेकर आय के संसाधनों में वृद्धि करके या आय में कमी लाकर की जाती है
(e) बजट घाटा - किसी वित्तीय वर्ष में सरकार की कुल प्राप्तियां एवं कुल व्यय के अंतर बजट घाटा कहलाता है
बजट घाटा = कुल व्यय - कुल प्राप्तियाँ
कुल प्राप्तियां = राजस्व प्राप्ति+ पूंजीगत प्राप्ति
कुल व्यय = राजस्व व्यय + पूंजीगत व्यय
(f) लोक ऋण - शासन की घटा की पूर्ति के लिए सरकार को विभिन्न स्रोतों से ऋण लेना पड़ता है इसे ही लोग ऋण कहा जाता है

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